देहरादून। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में संपन्न हुए बजट सत्र के बाद कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। रविवार को देहरादून में आयोजित प्रेसवार्ता में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने सरकार की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि गैरसैंण में आयोजित बजट सत्र के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की गई। उनके अनुसार राज्यपाल के अभिभाषण वाले दिन ही बजट पेश करना स्थापित संसदीय परंपराओं के खिलाफ है। यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद उस पर चर्चा होती है, लेकिन सरकार ने इस प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि बजट चर्चा के दौरान सदन में मंत्रियों और सत्तारूढ़ दल के कई विधायकों की उपस्थिति बेहद कम रही। उन्होंने कहा कि यह जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही और गंभीरता पर सवाल खड़ा करता है। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने विकासनगर, मसूरी और यमुना कॉलोनी में सरकारी और सिंचाई विभाग की कीमती जमीनों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि सरकार सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हितों के लिए इस्तेमाल करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जो राज्य के हित में नहीं है। कांग्रेस ने राज्य के बजट को लेकर भी चिंता जताई। विपक्ष का कहना है कि राज्य सरकार ने करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, लेकिन इसके साथ ही प्रदेश पर कर्ज का बोझ भी बढ़कर लगभग 1.08 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है। इसके अलावा विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार बेरोजगारी, महंगाई और पलायन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सदन में गंभीर चर्चा से बचती रही और पूरे सत्र के दौरान केवल अपना एजेंडा आगे बढ़ाने का प्रयास किया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता से जुड़े इन मुद्दों को लेकर वे आगे भी सरकार को घेरते रहेंगे और प्रदेश हित से जुड़े मामलों को लगातार उठाते रहेंगे।